समाचार पत्र पर निबंध – Samachar Patra Ka Mahatva Par Nibandh in Hindi

आज के समय में इंटरनेट का अत्यधिक विकास होने के बाद भी समाचार पत्र के महत्व में कोई कमी नहीं आयी हैं। अभी हमें किसी भी प्रकार की सूचना (Information) को जानने की जरूरत पड़ती है तो हम इंटरनेट की मदद से आसानी से बस पल भर में असीमित जानकारी ले सकते हैं।

 

लेकिन आज से कुछ साल पहले जब इंटरनेट की दुनिया का विकास नहीं हुआ था उस समय समाचार पत्र के द्वारा ही लोग नई-नई जानकारियों के बारे में जानते थे।

 

अभी वर्तमान समय में इंटरनेट का विकास होने के बहुत सारे लोग ऑनलाइन इ-पेपर द्वारा ही समाचार पढ़ते है। लेकिन इसके बावजूद समाचार पत्र का असली रूप मतलब प्रिंटेड कागज को लोग भूले नहीं हैं।

 

अभी भी प्रति-दिन लाखों समाचार पत्र छापा जाता हैं और लोग उसे खरीदकर पढ़ते हैं तो चलिए अब समाचार पत्र पर हिंदी में निबंध पढ़ते हैं। मुझे विस्वास है की यह समाचार पत्र पर हिंदी में निबंध आपको अच्छा जरूर लगेगा तो जरूर पूरा पढ़िए।

 

समाचार पत्र का महत्व पर निबंध – Samachar Patra Ka Mahatva Essay in Hindi

samachar patra ka mahatva par nibandh

 

समाचार-पत्र संचार का एक सर्वसुलभ और सशक्त माध्यम है। यह लोकतंत्र का प्रहरी और सामाजिक जागरूकता की आधारशिला हैं। यह हमारे विज्ञान युग का एक महत्वपूर्ण देन है।

 

शिक्षित समुदाय के लोगों के लिए समाचार पत्र उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया हैं। समाचार पत्र किसी भी व्यक्ति के ज्ञानवृद्धि का एक उत्तम साधन हैं जिसकी मदद लोग अपना ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।

 

समाचार पत्र पढ़ने वाले व्यक्तियों के लिए पुरे संसार की सीमाएं सिकुड़ कर छोटी-सी हो जाती हैं। कोई भी लेखन पढ़ने से बुद्धि पैनी और मस्तिष्क विकसित होता हैं इसिलए हमें प्रतिदिन समाचार पत्र को जरूर पढ़ना चाहिए।

 

समाचार पत्र का इतिहास –

 

आज से लगभग तीन शताब्दी पूर्व लोगों को समाचार पत्र क्या होता है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसा माना जाता है की समाचार पत्र का प्राथमिक उदगम स्थान इटली है।

 

हमारे देश भारत में अठारवीं शताब्दी में अंग्रेजो द्वारा समाचार पत्र का श्री गणेश किया गया। सर्वप्रथम ईसाई पादरियों द्वारा ‘ समाचार दर्पण ‘ समाचार पत्र निकाला गया था। उसके बाद राजा राममोहन राय ने ‘ कौमुदी ‘ नामक समाचार पत्र को निकाला था।

 

उसके बाद उन्नीसवीं शताब्दी में तो चारो तरफ समाचार पत्र का ही बोलबाला था। क्या राजनीती, क्या सामाजिक, क्या धार्मिक, क्या साहित्यिक सभी प्रकार के समाचार पत्रों का संपादन किया जाने लगा। आज तो इस व्यवसाय ने तो सम्पूर्ण विश्व के हर एक घर को घेर लिया हैं।

 

समाचार पत्र के फायदे या उपयोगिता –

 

आज किसी भी व्यक्ति को इस बात पर संदेह नहीं करना चाहिए की समाचार पत्र की उपयोगिता हमारे जीवन के हर एक क्षेत्र में स्थापित हो चुकी हैं।

 

दैनिक समाचार पत्रों में हम देश-विदेश में घटित होने वाली घटनाओ के बारे में पढ़ते है। बीमारियों और औसधियो का प्रचार-प्रसार हम समाचार पत्रों द्वारा करते हैं।

 

वैज्ञानिक अपने खोजो का प्रचार करते है सरकारी नौकरियों के विज्ञापन भी इसी में निकलता हैं। राजनितिक लेखन, व्यापारिक सूचनाएं, साहित्यिक चर्चाएं, खेल कूद संबधी खबरे, जलवायु संबधी महत्वपूर्ण सूचनाएं आदि सभी प्रकार के न्यूज़ हमें समाचार पत्र द्वारा ही प्राप्त होते है।

 

समाचार पत्र के नुकसान –

 

जहाँ तक की समाचार-पत्र हमारी सभी प्रकार से सहायता ही करती है लेकिन कई बार समाचार पत्र में छपे विषैली और दुषित ख़बरें के कारन जनहित और राष्ट्रहित को बड़े घातक परिणाम भी भोगने पड़ते हैं।

 

दूषित खबरों के कारन समाज में घृणा की भावना उत्त्पन होती हैं जिससे राष्ट्र में अराजकता फैलती हैं जो किसी भी राष्ट्र के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता हैं।

 

सभी समाचार पत्रों को दलवाद और निजी स्वार्थ से अलग रहकर राष्ट्रहित में योगदान देना चाहिए। तभी किसी भी देश का सम्पूर्ण विकास संभव हो सकता हैं।

 

Final Thoughts – 

 

दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आपने समाचार पत्र के महत्व पर निबंध हिंदी में पढ़ा। आपको यह निबंध कैसा लगा नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमें जरूर बताये।

 

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