प्रदूषण पर निबंध हिंदी में | Pollution Essay In Hindi

प्रदूषण, प्रदूषण शब्द आज के समय काफी ज्यादा सुना जाता हैं। न्यूज़ पेपरों और टीवी चैनलों में बताया जाता हैं की इस राज्य में प्रदूषण का स्तर काफी ख़राब होता जा रहा हैं।

 

और किसी राज्य में प्रदूषण का स्तर सुधर रहा हैं। वैसे आप प्रदूषण शब्द से फली-भांति परिचित होंगे की आख़िरकार यह प्रदूषण क्या हैं। तो दोस्तों, बस अब हम आज के इस पोस्ट में इसी प्रदूषण पर हिंदी में निबंध पढ़ते हैं।

 

प्रदूषण पर निबंध – Essay on Pollution in Hindi

Pollution Essay In Hindi

प्रकृति के विभिन्न घटकों में असंतुलन ‘प्रदूषण’ कहलाता है। पृथ्वी पर जीवन का असितत्व बना रहे, इसके उसका प्रकृति के साथ समन्वय होना ही चाहिए।

 

पर, औद्योगीकरण और वैज्ञानिक प्रगति की प्रतिस्पर्द्धा ने पर्यवरण संबंधी अनेक समस्याएँ पैदा कर दी है। जैसे -प्रदूषण, वन्य जीवन की संख्या में कमी, पारिस्थितिक असुंतलन, प्राकृतिक विपदाएँ, जनसंख्या वृद्धि आदि।

 

पर्यावरण असंतुलन से प्रदूषण बढ़ा है और इसने आधुनिक मानव जीवन को अधिक प्रभावित किया है। कारखाने की चिमनियो से निकलने वाले धुएँ वातावरण को विषाक्त बना रहे है, उनके कूड़े -कचड़े तथा गंदी नालियों का बहाव नदियों की ओर किया जा रहा है।

 

जंगलों की धराधर कटाई हो रही है तथा खेतो में मनमाने ढंग से कीटाणुनाशक दवाईया छिरकी जा रही है। इससे प्रदूषण की जटिल समस्याए उठ खरी हुई है।

 

इस समस्या ने मानव जाति के असितत्व के लिए खतरा उत्पन्न कर दिया है। प्रदूषण के अंतर्गत वायु-प्रदूषण, जल-प्रदूषण और मिट्टी-प्रदूषण की चर्चा मुख्य रूप से होती हैं।

 

भारत में भी प्रदूषण की भी मुख्य यही समस्याए हैं। प्रकृति के उपादानों में जल, वायु, मिट्टी हमारे जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी तथा महत्वपूर्ण हैं।

 

लेकिन मानव-सभ्यता के विकास के साथ इन प्राकृतिक उपादानों की शुद्धता तथा निर्मलता भी घटती गयी है। हमें अपने स्वास्थ्य तथा वायु, जल एवं मिट्टी के प्रदूषण की समस्याओं पर नियंत्रण रखने के लिए जल्द ही किसी वृक्षारोपण कार्यक्रम में तीव्रता लानी होगी।

 

नदियों के जल-प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दूषित नालियों के प्रदूषित जल के बहाव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। मिट्टी के प्रदूषण को रोकने के लिए जहरीली खाद के व्यवहार पर रोक लगानी होगी।

 

यह कार्य सरकार तथा जनता दोनों के पारस्परिक सहयोग द्वारा ही संभव है। अतः प्रदूषण की समस्या के निराकरण के लिए जन-जागृति और जन -अभिरूचि पैदा करना आवश्यक है।

 

Final Thoughts – 

 

इस आर्टिकल में आपने प्रदूषण या प्रदूषण की समस्या पर हिंदी में निबंध (Pradushan Par Nibandh in Hindi) पढ़ा। आपको यह निबंध कैसा लगा नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमे जरूर बताये।

 

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