Kriya in Hindi – क्रिया किसे कहते हैं और क्रिया के भेद कितने होते हैं पूरी जानकारी हिंदी में

आज के इस आर्टिकल में Hindi Grammar के एक महत्वपूर्ण टॉपिक क्रिया (Kriya) के बारे में बताया गया हैं जिसमे आप क्रिया क्या है, क्रिया की परिभाषा, क्रिया के भेद और सभी प्रकार के क्रियाों के उदाहरण आदि के बारे में पढ़ सकते हैं। 

Kriya Kise Kahate Hain | What is Kriya in Hindi Grammar | क्रिया की परिभाषा क्या होती हैं। 

क्रिया (Kriya) – जिस शब्द से किसी काम का ‘करना’ या ‘होना’ समझा जाय, उसे ‘क्रिया’ कहते हैं। 
जैसे – पढ़ना, लिखना, बोलना, चलना, गाना, रोना, हँसना, सोना, जाना, आना आदि। 

क्रिया के भेद या प्रकार – Kriya Ke Bhed in Hindi Grammar 

हिंदी व्याकरण में क्रिया के भेद दो प्रकार से होती हैं – 

(#.) कर्म के अनुसार और 
(#.) प्रयोग की दृस्टि से। 

कर्म के अनुसार क्रिया के भेद :-

कर्म के अनुसार क्रिया के मूलतः तीन भेद होते हैं –

1 . अकर्मक क्रिया – जिन ‘क्रियाओं’ के कर्म नहीं है, उन्हें अकर्मक क्रिया कहते हैं। यहाँ पर क्रिया का फल कर्ता पर पड़ता हैं। 

जैसे – 

वह जाता हैं।
बालक रोता हैं। 

2 . सकर्मक क्रिया – जिस क्रिया में ‘कर्म’ हो या जिस क्रिया के साथ ‘कर्म’ की संभावना हो, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं। यहाँ क्रिया का फल कर्म पर पड़ता है। 

जैसे –

मैं आम खाता हूँ। 

यहाँ ‘खाने’ का फल ‘आम पर’ पड़ रहा हैं। 

3 . द्विकर्मक क्रिया – जिन सकर्मक क्रिया के दो कर्म हो, उन्हें द्विकर्मक क्रिया कहते हैं। 
जैसे – 
पिता ने पुत्र को घड़ी दी है। 
यहाँ ‘देना’ क्रिया के दो कर्म हैं – ‘पुत्र’ और ‘घड़ी’। 

प्रयोग की दृस्टि से क्रिया के भेद :-

प्रयोग की दृस्टि से क्रिया (Kriya) के पांच भेद होते हैं – 
1 . सामान्य क्रिया – जब किसी वाक्य में किसी एक क्रिया का प्रयोग हो, तो उसे सामान्य क्रिया कहते हैं। 
जैसे – 
वह गया। 
उसने खाया। 
2 . संयुक्त क्रिया – जब एक से अधिक क्रियाओं का एक साथ प्रयोग होता है, तो उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं। 
जैसे – 
वह रो चूका। 
वह आ गया हैं। 
इन वाक्यों में रो चूका और आ गया हैं, संयुक्त क्रियाएँ हैं। 
3 . नामधातु क्रिया – ‘संज्ञा’ या ‘विशेषण’ शब्दों से बनी हुई क्रिया को नामधातु क्रिया कहते हैं। 
जैसे – 
हाथ से हथियाना। 
गर्म से गर्माना। 
4 . प्रेरणार्थक क्रिया – जब किसी वाक्य का ‘कर्ता’ किसी दूसरे से काम करवाता हैं, तो उस वाक्य की क्रिया को प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं। 
जैसे – 
पीटना से पिटवाना। 
काटना से कटवाना। 
5 . पूर्वकालिक क्रिया – 

जब क्रिया एक क्रिया को समाप्त कर, दूसरी क्रिया को करने लगता है, तो पहली क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं। 
जैसे – 
वह खाकर सोता है। 
तुम रोकर जाता है। 
Final Thoughts – 

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धन्यवाद। 

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