Fertilizer Meaning in Hindi

Fertilizer Meaning in Hindi

Noun

  • उर्वरक
  • खाद
  • उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ज़मीन या मिट्टी में डाला जाने वाला प्राकृतिक या कृत्रिम पदार्थ।

Pronunciation (उच्चारण) –

  • Fertilizer – फ़र्टिलाइज़र

Fertilizer Meaning, Definition and Types in Hindi

किसी भी भूमि पर लगातार खेती होने से उसमें पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जिससे उपज कम हो जाती है।

इसलिए उसकी उर्वरा शक्ति को बनाये रखने के लिए मिट्टी में कुछ ऐसे यौगिक मिलाये जाते हैं, जो मिट्टी में पोषक तत्वों की होनेवाली कमी को पूरा कर उपज को बढ़ा देते हैं। ऐसे यौगिक पदार्थ को उर्वरक कहते हैं।

Meaning of Fertilizer in Hindi

उर्वरक दो प्रकार के होते हैं –

(1) कार्बनिक उर्वरक : प्राकृतिक पदार्थ के अंतर्गत कार्बनिक उर्वरक आते हैं। ये प्राकृतिक साधनों के बनते हैं पर इनमें पोषक तत्वों की मात्रा कम होती है।

कार्बनिक उर्वरक का प्रभाव मिट्टी पर लंबे समय तक होता है और उसके उपयोग से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ जाती है।

इसके प्रयोग से भूमि अम्लीय या क्षारीय नहीं होती है। उदाहरण- कम्पोस्ट, खल्ली, अस्थिचूर्ण, पशुओं के मल मूत्र, शरीर के अवशेष तथा पेड़-पौधे के भाग।

(2) अकार्बनिक उर्वरक : अकार्बनिक उर्वरक कृत्रिम और रासायनिक साधनों से बनता है। ये मिट्टी की संरचना में सहायक नहीं होते और भूमि की नमी का अवशोषण करके खराब हो जाते हैं परन्तु इनमें पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं।

इनका प्रभाव कम समय तक रहता है और इनके प्रयोग से मिट्टी की जल धारणा क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

कम स्थान छेकने के कारण इसको स्टॉक करना आसान है और इसकी उपयोग विधि भी सरल है।

रासायनिक दृष्टि से इन उर्वरकों को चार भागों में बाँटा गया है –

1 . नाइट्रोजन (N) युक्त उर्वरक जैसे- अमोनियम सल्फेट और यूरिया आदि।

2 . फॉस्फेटिक (P) उर्वरक जैसे- नॉर्मल सुपर फॉस्फेट, रॉक फॉस्फेट आदि।

3 . पोटाशीय उर्वरक जैसे- पोटाशियम सल्फेट, पोटाशियम क्लोराइड आदि।

4 . मिश्रित उर्वरक जैसे- ग्रामोर, सुफता, इफको आदि।

उर्वरक के लाभदायक प्रभाव –

1 . इनके प्रयोग से पौधों में अपेक्षित तत्वों की पूर्ति होती है।

2 . इनके प्रयोग से पौधों को अतिरिक्त खुराक मिलती है।

3 . ये भूमि की अम्लीयता को स्थिर बनाये रखते हैं।

उर्वरक के हानिकारक प्रभाव –

1 . उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी में मौजूद कार्बन-नाइट्रोजन का अनुपात संतुलित नहीं रहता है।

2 . इसके लगातार प्रयोग से मिट्टी का रासायनिक गुण बिगड़ जाता है।

3 . इसके प्रयोग से मिट्टी में मौजूद लाभदायक कीटाणुओं पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

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