Computer Meaning in Hindi

Computer Meaning in Hindi

Noun

  • कंप्यूटर
  • जानकारी संचित करने, ढूंढने व व्यवस्थित करने, परिकलन करने व अन्य मशीनों पर नियंत्रण रख पाने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन

Pronunciation (उच्चारण) –

  • Computer – कंप्यूटर

Computer Meaning and Definition in Hindi

कम्प्यूटर Compute शब्द से बना है जिसका अर्थ है- गणना करना। अतः सामान्य भाषा में हम कह सकते हैं कि कम्प्यूटर एक गणना करने वाला यंत्र है, जो गणितीय क्रियाओं तथा तार्किक क्रियाओं को बहुत तेज गति से संपन्न करता है।

दूसरे शब्दों में, कम्प्यूटर एक बहुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डाटा को प्राप्त करने, संग्रह करने तथा प्रोसेस करने जैसा कार्य स्वतः कर देता है। अर्थात् यह मेमोरी में से डाटा को पुनः प्राप्त कर सकता है।

यह किसी भी प्रकार की सूचना जो कि दृश्य, श्रव्य या विभिन्न भाषाओं की हो, प्राप्त कर सकता है। यह मनुष्य के किसी कार्य को करने में सहायता प्रदान करती है, कम्प्यूटर का अपना कोई दिमाग नहीं होता है।

परन्तु वे गणितीय क्रियायें एवं डाटा का संग्रहण, सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा सूचनाओं को एकत्र करने का कार्य बहुत अच्छी तरह से करता है।

1 . व्यवसाय में उपयोग : – आरंभ में जहां कम्प्यूटर अंकगणितीय गणनाओं के सरलीकरण के लिए निर्मित हुए थे, वही आगे चलकर विभिन्न कार्यों में उन्हें प्रयुक्त किया जाने लगा।

आज कम्प्यूटर पर होने वाला 80 प्रतिशत कार्य व्यावसायिक कार्य की श्रेणी में आता है। ऑफिस में छोटे-छोटे वर्ड प्रोसेसर बहुत सामान्य होते जा रहे हैं।

ऑफिसों का हिसाब-किताब, पत्र-व्यवहार, रिपोर्ट तैयार करना इत्यादि कार्य बहुत सुविधापूर्वक कम्प्यूटर निपटा देते हैं। रिकार्ड की अपडेटिंग भी आसानी से की जा सकती है। अतः रिकार्ड ताजा बना रहता है।

तनख्वाह का हिसाब किताब, व्यक्तिगत जानकारी, लेखा-जोखा, विभिन्न सूचनाओं का रिकार्ड रखना, स्टॉक नियंत्रण, बचे हुए माल का हिसाब-किताब, आर्थिक नीतियों की विवेचना आदि कार्य कम्प्यूटर की सहायता से आसानी से किये जा रहे हैं।

2 . दूर संचार : – दूर संचार एक ऐसा क्षेत्र है जहां कम्प्यूटर काफी मूल्यवान योगदान दे रहे हैं। हवाई यात्रा, रेलवे, यातायात नियंत्रण, तार व टेलीफोन इत्यादि के सुचारू रूप से संचालन में भी इनका उपयोग बढ़ता जा रहा है।

जैसे – जैसे हवाई यात्रा की रफ्तार तेज होती जाती है वैसे-वैसे निर्णय तुरंत लेने की आवश्यकता बढ़ती जाती है, उड़ान-चालक को स्टेशन से प्राप्त निर्देशों का पालन तो करना ही होता है।

साथ-साथ तेजी से बदलती वायुमंडलीय परिस्थितियों जैसे बादल, हवा की गति, दबाव व तापमान का भी सामना करना पड़ता है। विभिन्न उपकरण उसे इन बदलती परिस्थितियों का ज्ञान कराते हैं।

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